Mesh rashi

 yah hai Mesh Rashi se judi hui sabhi mahatvapurn visheshatein Hindi lipi mein:

  1. स्वग्गेरी (प्रतीक): मेष राशि का प्रतीक "राम" (भेड़) है, जो शक्ति, उत्साह और अग्रणी भूमिका का संकेत देता है। यह दर्शाता है कि इस राशि के जातक साहसी, आत्मविश्वासी और नेतृत्व करने वाले होते हैं।

  2. उच्च मूल्य (उच्च ग्रह): मेष राशि में सूर्य उच्च स्थिति में होता है, जो इस राशि के जातकों में आत्म-विश्वास, गरिमा और प्रभुत्व की भावना को बढ़ावा देता है। इस राशि में उच्च ग्रह का होना जातक को महत्वाकांक्षी बनाता है।

  3. काल (समय): मेष राशि का समय वसंत ऋतु का प्रारंभ है, जो प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार करता है। इस समय में नई शुरुआत और उत्साह का संचार होता है, जो इस राशि के चरित्र में भी देखने को मिलता है।

  4. हस्वादी जाती (वर्ग): मेष राशि को क्षत्रिय वर्ग में रखा गया है। इसका अर्थ है कि यह राशि पराक्रम, साहस और युद्ध-कौशल का प्रतिनिधित्व करती है। इस राशि के लोग सामान्यतः साहसी, नेतृत्वकारी और स्वाभाव से योद्धा होते हैं।

  5. पश्वादी (पशु वर्ग): मेष राशि का प्रतीक पालतू पशु भेड़ है, जो इस राशि के जातकों की जिज्ञासु, निडर और स्वतंत्र प्रकृति को दर्शाता है।

  6. लिंग: मेष राशि को पुरुष लिंग की राशि माना गया है। इसका अर्थ है कि इस राशि के जातक अधिकतर ऊर्जावान, गतिशील और स्वायत्त होते हैं।

  7. सौम्यवादी: मेष राशि को ग्रहणशील राशि भी कहा जा सकता है। इस राशि के लोग संवेदनशीलता के बजाय अधिक क्रियाशील और ऊर्जावान होते हैं।

  8. वर्ण: मेष राशि के जातकों का वर्ण श्वेत माना गया है, जो पवित्रता, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है।

  9. संग्या: मेष राशि की संग्या चर राशि है। चर का अर्थ है गतिशीलता और निरंतर प्रगति, जो मेष जातक के जीवन में तेजी से आगे बढ़ने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

  10. तत्व: मेष राशि अग्नि तत्व से संबंधित है। यह जातकों को ऊर्जावान, उत्साही और प्रेरित रखता है, साथ ही उनमें आवेग और साहस की भावना भी बढ़ाता है।

  11. दृष्टि: मेष राशि वालों की दृष्टि तेज होती है। इन जातकों में जोश और नवीनता देखने की तीव्रता होती है।

  12. बिग बल (शारीरिक शक्ति): मेष राशि के जातक शारीरिक रूप से मज़बूत और ऊर्जावान माने जाते हैं। वे तेजस्वी और सक्रिय होते हैं और शारीरिक कार्यों में अग्रणी रहते हैं।

  13. पदार्थ: मेष राशि में मुख्यत: अग्नि का प्रभाव होने के कारण, यह त्वरित गति, ऊर्जा और क्रियाशीलता का प्रतिनिधित्व करती है। मेष राशि के जातक हर काम में जल्दी और उत्साह से आगे बढ़ते हैं।

  14. निवास: मेष राशि का प्राकृतिक निवास स्थान पहाड़ी और खुले स्थानों में होता है, जहाँ उन्हें स्वतंत्रता और चुनौती पसंद होती है।

  15. स्वरूप: मेष राशि का स्वरूप उग्र और आत्मविश्वासी होता है। इस राशि के जातकों में नेतृत्व करने की क्षमता होती है और वे आत्मनिर्भर होते हैं।

  16. देवता: मेष राशि का देवता मंगल है, जो साहस, दृढ़ता और युद्ध-कौशल का प्रतीक है। मंगल के प्रभाव से जातक साहसी और संघर्षशील बनते हैं।

  17. गुण: मेष राशि के जातकों में सकारात्मकता, जोश, और आत्म-विश्वास के गुण पाए जाते हैं।

  18. धातु: मेष राशि की धातु तांबा मानी गई है, जो उर्जा और क्रियाशीलता का प्रतीक है।

  19. शांति: मेष राशि के जातकों के लिए शांति का उपाय मंगल ग्रह की शांति होती है। मंगल की शांति से इन्हें मानसिक संतुलन और धैर्य मिलता है।

  20. भाग्य उदय: मेष राशि में भाग्य का उदय जीवन में उग्रता और चुनौतीपूर्ण कार्यों से होता है। चुनौतियों का सामना करने से ही इन्हें सफलता और संतोष प्राप्त होता है।

  21. कार्य: मेष राशि के जातक नेतृत्व, खेल, आर्मी, पुलिस, मैकेनिकल और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं। इनका रुझान उर्जा आधारित और गतिशील कार्यों में अधिक होता है।

  22. बिमारी: मेष राशि के जातकों में सिरदर्द, मानसिक तनाव और अग्नि तत्व से जुड़ी बीमारियाँ होने की संभावना होती है।

  23. लुक्स (दिखावट): मेष राशि के जातकों का शरीर आकर्षक और मज़बूत होता है। इनके चेहरे पर आत्मविश्वास और ऊर्जा का तेज झलकता है।

  24. विशेषता: मेष राशि का प्रमुख गुण उसका साहस और निडरता है।

  25. रास (स्वाद): मेष राशि का प्राकृतिक स्वाद तीखा (कटु) माना जाता है। इसका अर्थ है कि इस राशि के जातक को मसालेदार और तीखा भोजन अधिक पसंद हो सकता है।

  26. प्रकृति: मेष राशि की प्रकृति "पित्त" मानी जाती है। इसका मतलब है कि इन जातकों में गर्मी और ऊर्जा का संचार होता है, जिससे वे जल्दी गुस्सा कर सकते हैं लेकिन उनके पास कार्य में ऊर्जा और उत्साह भी अधिक होता है।

  27. लोक (धाम): मेष राशि का धाम या क्षेत्र मर्त्य लोक है, जो भौतिकता और दुनियावी जीवन का प्रतीक है। यह जातक जीवन में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत करते हैं और अपनी पहचान बनाने के इच्छुक रहते हैं।

  28. उदय (अवस्थाएं): मेष राशि का उदयकालिक प्रभाव उषाकाल (सुबह) से होता है, जो नई शुरुआत और जागरूकता का प्रतीक है। यह जातक प्रातःकालिक ऊर्जा से भरे होते हैं और नई गतिविधियों के प्रति प्रेरित रहते हैं।

  29. तत्व का प्रकार (अस्थायी और स्थायी): मेष राशि को अस्थायी राशि माना जाता है, जो दर्शाता है कि इसमें तेजी से परिवर्तन और नयापन बना रहता है।

  30. शारीरिक विशेषता (ऊर्जा स्रोत): मेष राशि के जातकों में शारीरिक ऊर्जा का स्रोत उनका मस्तिष्क है। इन जातकों के लिए मानसिक और शारीरिक शक्ति का संतुलन महत्वपूर्ण है।

  31. मूल्य (सिद्धांत): मेष राशि के जातक उच्च सिद्धांतों के प्रति आदर रखते हैं और उनमें दृढ़ता का भाव होता है।

  32. रंग: मेष राशि का रंग लाल और भूरा है, जो उर्जा, साहस और गर्मजोशी का प्रतीक है।

  33. मानसिकता: मेष राशि के जातक तुरंत निर्णय लेने में सक्षम होते हैं, लेकिन कभी-कभी उतावलापन भी दिखा सकते हैं।

  34. विकास का स्तर: मेष राशि का विकास स्तर प्रारंभिक स्तर का होता है। यह एक नई शुरुआत, साहसिक पहल और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

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